एटा मर्डर केस में पुलिस का चौंकाने वाला खुलासा, बहू ने की पूरे परिवार की हत्या, लेकिन पति कैसे बचा? जानिए इनसाइड स्टोरी

  1. एटा मर्डर केस में पुलिस का चौंकाने वाला खुलासा, बहू ने की पूरे परिवार की हत्या, लेकिन पति कैसे बचा? जानिए इनसाइड स्टोरी

पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला है कि चला है कि मृतकों को खाने में विषाक्त मिलाकर दिया गया था।

डेस्क। शुक्रवार रात एटा जनपद में हुई एक ही परिवार के पांच लोगों की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में पोस्टमार्टम की रिपोर्ट सामने आई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला है कि चला है कि मृतकों को खाने में विषाक्त मिलाकर दिया गया था। एटा के एसएसपी सुनील कुमार सिंह ने बताया कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से ये बात साफ़ हुई है कि परिवार की बहू दिव्या ने ही इस घटना को अंजाम दिया है।
पुलिस के मुताबिक दिव्या ने पहले ससुर, अपनी बहन, और अपने दो बच्चों को मारा इसके बाद खुद जहर खाकर आत्महत्या कर ली। दिव्या के पति दिवाकर पुलिस के इस खुलासे को सिरे से नाकार देते हैं। मीडिया कर्मियों से बातचीत में दिवाकर ने कहा कि दिव्या ऐसा कर ही नहीं सकती। पांचों की हत्या हुई है। किसी ने परिवार को खत्म करने के लिए इस घटना को अंजाम दिया है। इस मामले में सीबीआई जांच होनी चाहिए।
घर पर शाम को हुई थी दिवाकर की बात-
मीडिया कर्मियों से बातचीत में दिवाकर पिछले 12 वर्षों से रुडकी में एक दवा की कंपनी में काम करते है। सुबह शाम रोजना परिवार में बात होती है। वह लॉकडाउन से पहले ही घर पर आए थे। शुक्रवार की शाम करीब आठ बजे दिवाकर ने फोन किया तो पिता राजेश्वर प्रसाद से बात हुई थी। वहीं उनके भाई कलक्ट्रेट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रामेश्वर प्रसाद पचौरी घर पर गए थे। वह करीब साढ़े सात बजे उनके घर से आए है। उस समय तक घर का माहोल काफी अच्छा था।
दिवाकर को छोड़कर सब की हत्या-
परिवार में पांच मौतों के बाद अब सिर्फ मृत रिटायर्ड स्वास्थ्य कर्मी राजेश्वर प्रसाद पचौरी के इकलौते बेटे दिवाकर पचौरी बचे हैं। वे रुड़की में नौकरी करते हैं। परिवार खोने के बाद उनकी भी हालत किसी से देखी नहीं जा रही। वे कभी शांत हो जाते हैं तो कभी दो मासूम बच्चों का नाम ले बिलखने लगते हैं। नम आखों से लोग उन्हें ढांढ़स बंधाने में लगे हैं।
जानिए क्या है पूरा मामला :
शुक्रवार रात को एटा में एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत से कोहराम मच गया था। कोतवाली नगर के मोहल्ला शृंगार नगर में रिटायर्ड स्वास्थ्यकर्मी राजेश्वर प्रसाद पचौरी (75) पुत्र रामप्रसाद पचौरी रहते थे। उनकी पुत्रवधू दिव्या (35) पत्नी दिवाकर, नाती आरुष (8) आरव (एक) रहते थे। कुछ दिन पूर्व बेटे की साली बुलबुल निवासी सोनई (23) निवासी सोनई, हाथरस भी आ गई थी।
शनिवार सुबह दूध देने के लिए महिला आई थी। महिला ने गेट खटखटाया तो कोई आवाज नहीं आई। उसने अंदर झांककर देखा तो गेट के पास ही चारपाई पर दिव्या की लाश पड़ी दिखाई दी। यह देख वह चीख निकल गई। इस मामले की जानकारी आसपास के लोगों को दी गई। पूरा मोहल्ला जमा हो गया।
अंदर से ताला बंद होने के कारण कुछ पता नहीं चल सका। सूचना मिलने पर पुलिस पहुंच गई। तब तक परिवार के अन्य लोग भी पहुंच गए। पुलिस ने गैस कटर से गेट काटकर अंदर जाकर देखा तो सभी मृत पड़े थे। यह हाल देख कोहराम मच गया।
पुलिस अधिकारियों की मानें तो मुख्य गेट के पास महिला दिव्या का शव मिला था। दिव्या के मुंह से झाग निकल रहा था। पुलिस ऊपर वाले कमरे में पहुंची। बुलबुल का शव चारपाई पर मिला। जिसके गले पर निशान थे। अगले कमरे में पहुंची। दोनों बच्चों के शव मिले। बड़े बेटे आरुष के मुंह से झाग निकल रहा था तो वही चेहरे पर खून के निशान भी थे। छोटे बेटे के मुंह से झाग निकल रहा था। इसके साथ ही राजेश्वर प्रसाद पचौरी के कमरे में पहुंचे। वह भी मृतवस्था में पड़े मिले। अलग-अलग चोट, शव मिलने की स्थिति को लेकर पुलिस और अधिकारी भी उलझन में थे।
एसएसपी सुनील कुमार सिंह ने बताया कि तीन डॉक्टरों के पैनल से वीडियो ग्राफी में पोस्ट मार्टम कराया गया है। पोस्ट मार्टम करने वाले डॉक्टरों के अनुसार दिव्या ने चार परिवारीजनों को पहले भोजन में विषाक्त पदार्थ दिया और सबसे बाद में इस महिला ने खुद विषाक्त पदार्थ खाकर और हाथ की नस काट ली। इस मामले में छह पुलिस टीमें बनाई गई हैं जो सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल के डिटेल,रंजिश आदि का पता लगाने में जुटी हैं। एसपी के मुताबिक, मौत के कारणों की पड़ताल की जा रही है।
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