IAS बनना चाहते है तो इन 5 विषयों में करें ग्रेजुएशन, तुरंत हो जाएगा सेलेक्शन

बहुत कम लोग ये बात जानते है कि अच्छी ग्रेजुएशन डिग्री भी आपको आईएएस की तैयारी करने में मदद कर सकती है। आईएएस टॉपर्स के अनुसार ग्रेजुएशन डिग्री और आईएएस मुख्य परीक्षा के वैकल्पिक विषय में गहरा संबंध होता है। आज बहुत सारे अंडर ग्रेजुएट्स आईएएस की तैयारी कर रहे है और यह जानना चाहते है कि उन्हें किस विषय में ग्रेजुएशन करना चाहिए जिस से उन्हें आईएएस की परीक्षा में सफल होने में भी मदद मिल सके। इस आर्टिकल में हम आपको आईएएस की तैयारी में मददगार ग्रेजुएशन कोर्स के बारे में बता रहे है -
मानविकी (Humanities) - आईएएस की तैयारी के लिए इस विषय में ग्रेजुएशन करना सबसे अच्छा माना जाता है। यूपीएससी द्वारा जारी पास होने वाले लिस्ट में आप यह देख सकते है कि अन्य विषयों की तुलना में मानविकी विषय में ग्रेजुएशन किये हुए छात्रों को अधिक सफलता मिलती है। अगर आप भी आईएएस बनने का सपना देख रहे है तो ग्रेजुएशन के लिए आप मानविकी विषय चुन सकते है।

इंजीनियरिंग - पिछले कुछ सालों की यूपीएससी सिविल सर्विस में सफल होने वाले छात्रों में इंजीनियरिंग छात्रों संख्या बढ़ गई है। विभाग द्वारा जारी किये गए डाटा के अनुसार इस परीक्षा में अब इंजीनियर छात्रों दबदबा बढ़ गया है। इन छात्रों में टेक्निकल छात्रों की संख्या बहुत अधिक होती है। इसलिए अगर आप न केवल आईएएस की परीक्षा पास करना चाहते है बल्कि टॉप उम्मीदवारों में भी शामिल होना चाहते है तो इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन करना सर्वश्रेष्ठ साबित हो सकता है।
विज्ञान - हालाँकि यूपीएससी में पास होने वाले छात्रों में विज्ञान विषय के छात्रों की संख्या ज्यादा नहीं होती है लेकिन बढ़ती हुई वैज्ञानिक पद्धति और तकनीक के साथ इस संख्या में निरंतर वृद्धि हो रही है। आप भी विज्ञान विषय में ग्रेजुएशन कर के आईएएस की परीक्षा में सफल हो सकते है।
चिकित्सा विज्ञान - विज्ञान की तरह ही चिकित्सा विज्ञान भी आईएएस की परीक्षा पास करने के लिए अच्छा ग्रेजुएशन विकल्प हो सकता है। हालाँकि इस फील्ड के लोग सिविल सर्विस के क्षेत्र में नहीं आते है लेकिन इनके लिए भी इस परीक्षा में पास होने के अवसर अधिक होते है।

कॉमर्स - हर साल हजारों की संख्या में कॉमर्स छात्र आईएएस की परीक्षा में बैठते है और इसमें सफल भी होते है। पिछले कुछ सालों में आईएएस एग्जाम देने वालों में एमबीए और बी.कॉम. किये हुए छात्रों की संख्या में वृद्धि हुई है। सिविल सर्विस की परीक्षा में तर्क, गणित, डाटा और निर्णय लेने की क्षमता जैसे टॉपिक्स जुड़ने से कॉमर्स छात्रों के लिए इस परीक्षा में सफलता मिलने के अवसर बढ़ गए है।
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