औरंगाबाद: अक्षय के गांव में पसरा गहरा सन्नाटा, पूरे गांव में शोक की लहर


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निर्भया हत्याकांड में फांसी पर लटकाए जा चुके अभियुक्त अक्षय कुमार सिंह के घर और गांव लहँग कर्मा में शुक्रवार को गहरा सन्नाटा पसरा हुआ है लोग अमूमन दुखी हैं और इस विषय में किसी से बात करना नहीं चाहते |
स्थानीय चौकीदार तथा अक्षय के बचपन के साथी राजू कुमार कहते हैं कि अक्षय ने दिल्ली में क्या किया वह अलग बात है, लेकिन गांव में उसके परिवार की अच्छी प्रतिष्ठा है यह परिवार सीधा-साधा माना जाता रहा है अक्षय के पिता सरयू सिंह के तीन लड़के हैं जिनमें सबसे छोटा अक्षय था सरयू सिंह एक सामान्य किसान हैं और उनके परिवार की आय का मुख्य स्रोत खेती ही है |

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राजू कुमार बताते हैं की उन्हें सूचना मिली है कि दिल्ली में अक्षय के परिवार को अक्षय का शव पोस्टमार्टम के बाद दोपहर में सौंप दिया गया है और उसका शव गांव लाया जा रहा है अगर ऐसा है तो देर रात तक या सुबह तक शव गांव पहुंचेगा उन्होंने बताया कि अक्षय की पत्नी पुनीता देवी और एक भाई दिल्ली गया हुआ है |
सरयू सिंह के घर में सभी खिड़की दरवाजे बंद है और कोई बात करने के लिए उपलब्ध नहीं है पूरे घर में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है स्थानीय मुखिया मालती देवी का कहना है कि इस मामले का कानूनी पहलू जो हो लेकिन स्थानीय लोगों को अक्षय की विधवा पुनीता देवी और उसके छोटे से बच्चे के प्रति सहानुभूति है लोग इस बात को लेकर चिंतित हैं कि उस बच्चे की परवरिश ढंग से हो सके मालती देवी के पुत्र राकेश सिंह कहते हैं कि इस बारे में अब कुछ कहने सुनने से कोई फायदा नहीं है आसपास के लोग सरयू सिंह के परिवार से सहानुभूति रखते हैं उन्हें लगता है कि अक्षय पर लगे आरोपों की आंच इस परिवार तक न पहुंचे |
गांव के निवासी राजू मिश्रा का कहना है कि अगर मीडिया ट्रायल ना होता तो शायद अक्षय को फांसी ना होती राजू मिश्रा का कहना है कि अगर अक्षय के परिवार के पास दौलत होती तो अधिक से अधिक उसे आजीवन कारावास होता इससे भी ज्यादा जघन्य आरोपों के आरोपित आज जिंदा है उन्होंने कहा कि गांव में मीडिया ट्रायल को लेकर भी एक नाराजगी की स्थिति है डेढ़ सौ घरों वाली इस बस्ती में आमतौर पर लोग सीधे साधे हैं |

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यह गांव तब चर्चा में आया था जब पहली बार अक्षय का नाम निर्भया हत्याकांड में आयासचित सिंह याद करते हैं की दिसंबर २०१२ में अक्षय इस गांव में आया था और यहीं से उसने थाने में जाकर समर्पण किया था जिसे बाद में गिरफ्तारी बताया गया था गांव के लोग अब इस अध्याय को भूलकर आगे बढ़ना चाहते हैं |
यह गाँव नवीनगर प्रखंड के टंडवा थाना क्षेत्र में आता है थानाध्यक्ष वीरेंद्र कुमार सिंह कहते हैं कि उन्हें आधिकारिक रूप से कोई जानकारी नहीं है लेकिन सूत्रों ने बताया है की आज दोपहर एक बजे अक्षय के परिजनों को उसका शव सौंप दिया गया है और वे संभवतः शव ले कर सड़क मार्ग से गाँव आ रहे हैं
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