कभी पी है प्याज की चाय, इतनी बीमारियों में है लाभकारी

कभी पी है प्याज की चाय, इतनी बीमारियों में है लाभकारीआप रोज चाय पीते होंगे। स्वास्थ्य के मामलों में जागरुक रहने वाले लोग ग्रीन टी को प्राथमिकता देते हैं। इसके अलावा ब्लैक टी को पसंद करने वाले लोगों की संख्या भी काफी अधिक है। मगर, आज हम आपको बताने जा रहे हैं, प्याज की चाय के बारे में।

खाने में प्याज का इस्तेमाल तो आपने खूब किया होगा, मगर क्या कभी आपने उसकी चाय बनाने के बारे में सोचा है। यदि नहीं, तो आज हम आपको बताने जा रहे हैं, प्याज की चाय कैसे बनाएं और उसके क्या फायदे होते हैं।

दरअसल, प्याज के रस का इस्तेमाल बालों के टूटने की समस्या होने पर अक्सर लोग लगाते हैं। इसके अलावा मधुमेह, उच्च रक्तचाप, नींद न आने की बीमारी में भी इसका इस्तेमाल किया जाता है। शायद आपको जानकर हैरत होगी कि इसके रस से आप वजन भी कम कर सकते हैं।

ऐसे बनाएं प्याज की चाय

एक प्याज को काट कर एक कप पानी में डालकर उबाल लें। इसके बाद इसमें इसमें थोड़ा नींबू और ग्रीन टी मिला दें। आखिर में स्वादानुसार इस चाय में शहद डालकर पी लें। यह कई बीमारियों में लाभदायक होती है। जानते हैं कि किन मर्ज में इस चाय का इस्तेमाल किया जा सकता है।

इन बीमीरियों में लाभदायक

अनिद्रा की परेशानी वाले मरीज सोने से पहले इसका सेवन करें। कुछ दिनों के लगातार इस्तेमाल के बाद यह बीमारी हमेशा के लिए दूर हो जाएगी।

प्याज की चाय में विटामिन सी होता है जो सर्दी-जुकाम के शुरुआती लक्षणों को रोकने का काम करता है।

एक रिसर्च के मुताबिक प्याज में ग्लूकोज प्रतिक्रिया को बेहतर करके इन्सुलिन रेजिटेंट को बढ़ाकर टाइप-2 डायबिटीज में राहत दिलाने में मदद करता है।

प्याज की चाय से हाइपरटेंशन का खतरा कम होता है।

इसमें भरपूर मात्रा में विटामिन सी होने से इम्यूनिटी बढ़ती है और शरीर को रोगों से लड़ने की ताकत मिलती है।

मोटापे की समस्या में भी यह कारगर होती है। लगातार दो 2 हफ्ते प्याज की चाय पीने से शरीर में जमा अतिरिक्त फैट कम हो जाता है।

इस चाय को पीने से पाचन शक्ति बढ़ती है और पेट में इंफेक्शन भी नहीं होता है।

प्याज में घुलनशील फाइबर होते हैं। प्याज की चाय कैंसर सेल्स को बढ़ने से रोकती है और ये कोलोन कैंसर को ठीक करने में भी मददगार है।
नोट : इस आर्टिकल में दी गई जानकारियां रिसर्च पर आधारित हैं । इन्‍हें लेकर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूरी तरह सत्‍य और सटीक हैं, इन्‍हें आजमाने और अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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