शेफाली वर्मा, जिसने लड़कों के टूर्नामेंट में लड़का बनकर खेला और 'मैन ऑफ दी टूर्नामेंट' बन गई


ऑस्ट्रेलिया का मेलबर्न. यहां का जंक्शन ओवल मैदान. तारीख 27 फरवरी 2020. क्या हुआ? ब्लू जर्सी पहने 16 साल की एक लड़की आई. अपना बल्ला लेकर. तेज रफ्तार वाली गेंदों को मारने के लिए. शुरू में लड़की और उसका बल्ला शांत रहा. मैच की 12वीं गेंद पर बोला. ऐसा बोला कि गेंद सीधा बाउंड्री पार हो गई. लड़की ने 4 रन चटका लिए. फिर बल्ला चलता रहा, ऐसा चला कि लड़की ने 34 गेंदों पर 46 रन बना लिए. चार चौके और तीन छक्के भी लगाए. 16 साल की ये लड़की बनी ‘प्लेयर ऑफ द मैच’. नाम है शेफाली वर्मा. काम है भारत के लिए क्रिकेट खेलकर दनादन रन बनाना.
बात किस मैच की हुई?
महिला क्रिकेट टी-20 वर्ल्डकप चल रहा है. 27 फरवरी को भारत का मुकाबला न्यूज़ीलैंड से था. ये इस सीरीज़ का 9वां मैच था. भारत ने पहले बैटिंग कर 20 ओवर में आठ विकेट खोकर 133 रन बनाए. न्यूज़ीलैंड 20 ओवर में छह विकेट खोकर सिर्फ 129 रन ही बना सका. भारत जीत गया. तीन रन से. पहुंच गया वर्ल्डकप के सेमीफाइनल में. देश ने टीम की लड़कियों को बधाई दी, लेकिन एक्स्ट्रा बधाई मिली शेफाली को. क्योंकि 16 साल की इस क्रिकेटर ने खेल ही ऐसा खेला.
कौन हैं शेफाली?
एक शब्द में कहें तो ‘धाकड़ बल्लेबाज’ हैं. इसी 28 जनवरी को 16 साल की हुई हैं. हरियाणा के रोहतक की रहने वाली हैं. पांच साल की थीं, तब से ही क्रिकेट खेल रही हैं. कई बार तो लड़का बनकर लड़कों के साथ. लेकिन, ऐसा क्यों? जानने के लिए एक कहानी सुनिए-
शेफाली के पिता संजीव वर्मा. पेशे से सुनार हैं. रोहतक में रहते हैं. क्रिकेटर बनना चाहते थे, लेकिन सपना अधूरा रहा. इसलिए अपने बच्चों को क्रिकेटर बनाने की ठान ली. बेटा साहिल और बेटी शेफाली दोनों को क्रिकेट सिखाने लगे. सुबह-सुबह अपनी बाइक में दोनों बच्चों को बिठाते और निकल पड़ते खाली मैदान, पार्क, सड़क या पार्किंग एरिया खोजने. ताकि बच्चों को वहां क्रिकेट खिला सकें.
क्रिकेटर जेमिमा रॉड्रिग्स के साथ शेफाली. फोटो- जेमिमा का ट्विटर.
लोग टोकते, कहते कि लड़की को क्रिकेट? सवालों की झड़ी लगा देते. इसलिए संजीव ने बेटी के बाल बॉय कट करवा दिए. ताकि कोई पहचान न सके कि लड़का है या लड़की. और बिना रोक-टोक वो क्रिकेट खेल सके. शेफाली जब 12 साल की थीं, तब पानीपत में साहिल को एक क्रिकेट टूर्नामेंट में हिस्सा लेना था, लेकिन वो बीमार पड़ गया. संजीव ने शेफाली को बेटे के बदले खेलने भेजने का फैसला लिया. शेफाली पहुंच गई मैदान में, लड़कों के बीच, लड़कों के साथ, लड़का बनकर क्रिकेट खेलने. ऐसा खेला कि प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट बनीं.
शेफाली की ट्रेनिंग रोहतक के श्री राम नारायण क्रिकेट एकेडमी में हुई. वहां उन्हें उनकी उम्र की लड़कियों के साथ खेलने नहीं दिया जाता था. क्योंकि कोच अश्विनी कुमार को इस बात का डर था कि शेफाली के झन्नाटेदार शॉट से दूसरी लड़कियों को चोट न लग जाए. इसलिए कुछ ही महीनों में उन्हें 15 से 18 उम्र के लड़कों के साथ खेलने के लिए भेज दिया गया. घरेलू क्रिकेट में शानदार खेलने के कारण शेफाली को पिछले साल सितंबर में इंटरनेशनल टी-20 मैच खेलने का मौका मिला.
सचिन तेंदुलकर के साथ शेफाली. ये तस्वीर शेफाली ने 10 फरवरी 2020 के दिन ट्वीट की थी. तस्वीर के साथ लिखा था कि सचिन उनके आइडल हैं.
कितने रिकॉर्ड बनाए?
कई सारे रिकॉर्ड तोड़ और बना चुकी हैं. महिला क्रिकेट की अगली सुपरस्टार कही जाती हैं. T-20 खेलने वाली सबसे युवा भारतीय खिलाड़ी हैं. सबसे कम उम्र में अर्धशतक बनाने का सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ने वाली क्रिकेटर हैं. पिछले साल नवंबर में वेस्ट इंडीज के खिलाफ शेफाली ने 49 गेंदों में 73 रन बनाए थे. 17 टी-20 मैच खेल चुकी हैं, जिनमें 438 रन बनाए हैं.
टी-20 वर्ल्डकप में भारत के अब तक तीन मैच हुए हैं. तीनों में भारत को जीत मिली है. दो मैच में शेफाली ही ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ बनीं. 27 फरवरी के मैच के बाद टीम इंडिया की पूर्व कप्तान डायना इडुल्जी ने शेफाली के लिए एक कमेंट भी किया था. ये कि उनका खेल देखकर पूर्व क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग की याद आती है.
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