इस अभिनेता ने कहा- या तो मुस्लिम तुष्टीकरण दिखता है या तो भय, बीच का रास्ता क्यों नहीं है

नागरिकता संशोधन कानून का देशभर में विरोध हो रहा है। इसका असर सबसे ज्यादा दिल्ली में दिखाई दे रहा है। दिल्ली का प्रमुख विश्वविद्यालय जामिया मिल्लिया इस्लामिया के छात्र भी इस कानून का भारी विरोध कर रहे हैं। इस मुद्दे ने बॉलीवुड के सितारे ट्वीट कर जामिया और देश के बाकी छात्रों का समर्थन कर रहे हैं। अब फिल्म अभिनेता आयुष्मान खुराना ने छात्रों के विरोध प्रदर्शन और उन पर हुई हिंसा पर अपनी प्रतिक्रिया दी है।

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आयुष्मान ने इंडिया टुडे के एक कार्यक्रम में कहा है कि- "हमें हमेशा से ये लगता है कि सरकार मुस्लिमों को खुश करती है या फिर उन्हें इंसिक्योर बनाती है। हमें बीच का रास्ता क्यों नहीं मिलता है? वो देखना चाहिए. मुझे लगता है भारत युवाओं का देश है। देश का भविष्य उनके हाथ में है। हमें युवाओं को और सशक्त करना चाहिए। ये बात सिर्फ अल्पसंख्यक यूनिवर्सिटी के लिए नहीं है। क्योंकि स्टूडेंट्स का कोई धर्म नहीं होता है। स्टूडेंट्स ना हिंदू हैं ना मुस्लिम, वो बस एक स्टूडेंट हैं। अगर मैं आर्टिकल 15 जैसी फिल्म करता हूं तो मेरा स्टैंड लेना जरूरी होता है।''

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इससे पहले आयुष्मान खुराना ने ट्वीट कर लिखा था, 'जिन हालात से छात्र गुजरे हैं मुझे उस पर गहरा दुख है। मैं इस बात की कड़ी निंदा करता हूं। हम सभी को अपनी अभिव्यक्ति की मौलिक स्वतंत्रता का विरोध और प्रदर्शन करने का अधिकार है। हालांकि प्रदर्शन को उग्र नहीं होना चाहिए था, ना ही सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया जाना चाहिए था। यह प्रतिकूल है। प्रिय देशवासियों यह गांधी जी की धरती है। अभिव्यक्ति का रास्ता अहिंसा ही होना चाहिए। लोकतंत्र में विश्वास रखें।'

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बता दें कि, बता दें कि, अनुराग कश्यप, राजकुमार राव, मनोज बाजपेयी, जावेद अख्तर, महेश भट्ट, हुमा कुरैशी, स्वरा भास्कर, विक्रांत मैसी, कोंकणा सेनशर्मा, अनुभव सिन्हा, अली फजल, सोनी राजदान, ऋचा चढ्ढा जैसे कई बॉलिवुड सितारों ने जामिया के स्टूडेंट्स पर पुलिस के कार्रवाई का विरोध किया है।
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