हिंदुस्तान को जवानी का स्वाद चखाया इस एक्टर ने..

ज़िंदगी के फ़लसफ़े के साथ फ़िल्म अभिनेता शम्मी कपूर ने अपना पूरा जीवन गुज़ारा और वो फलसफा था. लिव फ़ास्ट, डाई यंग और मेक ए गुड लुकिंग कॉर्प्स (corpse)...यानी ज़िंदादिली के साथ जियो, जवानी में ही मौत को गले लगा लो, मौत में भी चेहरे का नूर बना रहे...

शम्मी कपूर फोटो - सोशल मीडियाThird party image reference
कुछ साल पहले जब वो जीवित थे, शम्मी कपूर से मेरी फ़ोन पर बात हुई थी. तब मैने उनसे पूछा था कि जब वे जवान थे और कामयाबी की बुलंदियों पर थे तो क्या कभी उन्होंने सोचा था कि तब से 50 साल बाद भी लोग उन्हें याद करेंगे.
तब शममी कपूर ने मेरे इसी सवाल के जवाब में ज़ोर का ठहाका लगाया था और मुझे ज़िंदगी का वो फ़लसफ़ा दिया था जिससे इस आर्टिकल का आगाज़ हुआ है..

शम्मी कपूर फोटो - सोशल मीडियाThird party image reference
शम्मी कपूर हिंदी फ़िल्मों के असली और मूल रॉकस्टार थे और मदमस्त कर देने वाली अदा, बग़ावती तेवर, अंदाज़ में ठसक, रूमानी गानों पर थिरकता बदन, वो मस्ती, वो ख़ुमार.....यूँ ही नहीं कहा जाता कि शम्मी कपूर ने अपने दौर में हिंदुस्तान को जवानी का स्वाद चखाया था.

शम्मी कपूर फोटो - सोशल मीडियाThird party image reference
रॉकस्टार शम्मी
50 और 60 के दशक में राज कपूर, देव आनंद और दिलीप कुमार जैसे अभिनेताओं का बोलबाला था....लेकिन ज़्यादातर फ़िल्मों में ये नायक एक बंधी-बंधाई स्टीरियोटाइप छवि में बंधे हुए थे. लेकिन शम्मी कपूर ने अपनी फ़िल्मों में बग़ावती तेवर और रॉकस्टार वाली छवि से उस दौर के नायकों को कई बंधनों से आज़ाद कर दिया था. हिंदी सिनेमा को ये उनकी बड़ी देन थी. मगर ये बात और है कि उनके जैसे किरदार दूसरा कोई नहीं निभा पाया.

शम्मी कपूर फोटो - सोशल मीडियाThird party image reference
सिनेमा और उनके जीवन की खट्टी मीठी यादों को जानने की इसी उत्सुकता में उन्हें कुछ साल उनके निधन पहले काफ़ी हिचकिचाते हुए मैंने ईमेल किया था. सुना था कि क्या ईमेल, क्या ट्विटर वे इंटरनेट से हमेशा जुड़े रहते हैं और फिर ये सही भी निकला. उन्होंने मेरे मेल का तुरंत जवाब दिया और साथ में अपना मोबाइल नंबर भेजकर कहा कि शाम को फ़ोन कर सकते हो. उस शाम जो इंटरव्यू उन्होंने दिया और अनुभव बाँटे वो मेरे करियर के सबसे यादगार अनुभवों में से एक है.

शम्मी कपूर मुमताज फोटो - सोशल मीडियाThird party image reference
वो मानते थे कि उनके दौर की फ़िल्में बहुत ही मासूम हुआ करती थी जो आज की फ़िल्मों से कहीं ग़ायब हो गई है. हालांकि आज की पीढ़ी की हौसलाफ़ज़ाई के लिए हमेशा वे आगे रहते थे.

शम्मी कपूर फोटो - सोशल मीडियाThird party image reference
वह बड़े शौकीन मिजाज़ थे.-इंटरनेट की दुनिया में आगे रहते थे और वो तरह-तरह की गाड़ियाँ चलाने का शौक रखते थे, उनमे शाम को गोल्फ़ खेलना,.छुट्टी के दिन बीयर का लुत्फ़ उठाना..शम्मी कपूर ने बताया था कि करियर की भागमभाग के दौरान भी फ़ुरसत के इन लम्हों का उन्होंने भरपूर मज़ा लिया था.

शम्मी कपूर फोटो - सोशल मीडियाThird party image reference
वो समय के साथ चलना बख़ूबी जानते थे और वे कहा करते थे कि अगर टीवी पर देवदास या कोई और फ़िल्म आ रही हो और दूसरी तरफ़ मैनचेस्टर यूनाइटेड जैसी टीम का मैच हो तो वे मैच देखना पसंद करेंगे. हर ट्रेंड, हर चलन से क़दमताल करते थे. वो फ़िल्मों में भी जितने ज़िंदादिल किरदार निभाया करते थे और उतनी ही ज़िंदादिली उनके निजी जीवन में दिखती थी.

शम्मी कपूर फोटो - सोशल मीडियाThird party image reference
शम्मी कपूर के जीवन में कई मुश्किल दौर भी आए ख़ासकर तब जब 60 के दशक में उनकी पत्नी गीता बाली का निधन हो गया. तब वे अपने करियर के बेहद हसीन मकाम पर थे.

शम्मी कपूर गीता बाली फोटो - सोशल मीडियाThird party image reference
उनके क़दम तब जरूर कुछ ठिठके थे लेकिन फ़िल्मी पर्दे के रंगरेज़ शम्मी अपने उसी अंदाज़ में अभिनय से लोगों को मदमस्त करते रहे. यूँ तो हिंदी सिनेमा में हर दौर में कई सितारे आते रहे हैं लेकिन कुछ ही सितारे ऐसे होते हैं जो बदलाव और नएपन की ताज़ी बयार अपने साथ लेकर आते हैं...जो पुराने कायदे छोड़कर अपनी नई राह बनाते हैं........और ऐसी ही राह पर चलते हैं जो उन्होंने ख़ुद बनाई हो....शम्मी कपूर भी ऐसे ही सितारे थे.

शम्मी कपूर फोटो - सोशल मीडियाThird party image reference
यह भी पढ़ें: भाई के मरते ही भाभी के साथ सोने लगा देवर और हर दिन बनाने लगा संबंध...

No comments