जानिए क्‍या फर्क है शाहरूख सलमान और रजनीकांत की फिल्‍म रिलीज में।

जैसे जैसे फिल्म कबाली रिलीज के करीब जा रही थी, तब इस सवाल का जवाब भी आसान होता जा रहा था कि भारत में शाहरुख-सलमान का क्रेज ज्यादा है या फिर रजनीकांत का.

रजनीकांत को दक्षिण भारत में भगवान की तरह पूजा जाता हैThird party image reference
बॉलीवुड के सुपर स्टार्स खासकर सलमान खान जब भी अपनी कोई फिल्म रिलीज करते हैं, तो पूरा जोर इसी बात पर रहता है कि रिलीज डेट ईद ही हो और बिजनेस के लिहाज से ईद पर फिल्म रिलीज करना बहुत ही फायदेमंद रहता है. त्योहार का दिन, खुशनुमा माहौल और छुट्टी, इस दिन हर कोई समय निकालकर अपने चहेते भाई जान को देखने थिएटर जाता है. जरा गौर करें सलमान खान की पूरी कोशिश रही है कि वो ईद के सुनहरे मौके को खो न दें. उन्होंने 2009 में वान्टेड, 2010 दबंग, 2011 बॉडीगार्ड, 2012 एक था टाइगर, 2014 किक, 2015 बजरंगी भाईजान, 2016 सुल्तान 2017 ट्यूबलाइट' 2018 रेस 3 2019 भारत” रिलीज की.

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जहां सलमान को ईद तो वही शाहरूख को दीपावली की छुट्टियों की तारीख का इन्तजार रहता था. एक समय था जब शाहरुख खान की ही दीवाली होती थी। लेकिन आज हालात बदले हुए हैं। शाहरुख से दीवाली भी छीन ली गई और ईद भी। या फिर यूं कहें कि शाहरुख अपनी फिल्म किसी और के साथ रिलीज करने में डर रहे हैं।

शहरुख रईस को उसी साल ईद पर रिलाज करना चाहते थे लेकिन ईद पर सुल्तान रिलीज हुई Third party image reference
लेकिन जब बात रजनीकांत की फिल्मों की हो तो त्योहारों या छुट्टियों की तारीख नहीं देखी जाती. क्योंकि जिस दिन रजनीकांत की फिल्म रिलीज होती है उसी दिन छुट्टी घोषित कर दी जाती है और ये रजनीकांत सीरीज का चुटकुला नहीं बल्कि सच है. जब रजनीकांत की फ़िल्म कबाली 22 जुलाई को रिलीज हुई थी . तब इस मौके पर चेन्नई और बैंगलुरु की कई कंपनियों ने 22 जुलाई को हॉलीडे घोषित कर दिया था.

रजनीकांत की फिल्म की रिलीज पर उनके फैंस हजारों लीटर दूध उनका अभिषेक करते हैंThird party image reference
असल में दक्षिण भारत के भगवान रजनीकांत को पर्दे पर देखने के लिए दक्षिण का हर इंसान दीवाना रहता है. तब रिलीज वाले दिन किसी का काम में मन नहीं लगता, लोग पहले से ऑफिस में छुट्टी की एप्लीकेशन लगाते हैं. उस दिन काफी सारे तो बीमार पड़ जाते हैं. जब कबाली रिलीज हुई तब भी खबर आई थी कि बड़ी संख्या में कर्मचारी मास सिक लीव ले रहे थे. जिससे अपने फेवरेट स्टार की फिल्म देखने जा सकें. तब कंपनी वालों ने बड़ा ही समझदारी भरा फैसला लेते हुए 22 जुलाई को बोनस के रूप में छुट्टी ही डिकलेयर कर दी. उसके बाद कर्मचारीयों ने बिना किसी बहाने के खुशी-खुशी कबाली देखी और यही नहीं तब कई कंपनियां तो अपने कर्मचारियों और उनके परिवार के सदस्यों को कबाली का टिकट भी गिफ्ट कर रही थी.

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अब कहिए, इससे पहले आपने किसी भी सुपरस्टार के इतने चर्चे सुने थे? रजनीकांत की दीवानगी का आलम कबाली के प्रमोशन स्ट्रैटेजी को देखकर ही लगाया जा सकता था. फिल्म निर्माताओं ने कबाली को प्रमोट करने के लिए जहां एड़ी चोटी का जोर लगा दिया था, वहीं खुद लोग भी रजनीकांत के मोह से निकल नहीं पा रहे थे.

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