दद्दू बनकर बॉलीवुड पर किया राज, शादी की दावत में मिला था पहला मौका


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बॉलीवुड में 30 साल तक अपने अभिनय से राज करने वाले अभिनेता ओम प्रकाश ने महज 12 साल की उम्र में ही क्लासिकल संगीत सीखना शुरू कर दिया था. उनकी बचपन से ही थिएटर और फिल्मों में भी रुचि थी. उनके कार्यक्रम लाहौर और पंजाब में बहुत लोकप्रिय हुए. ओमप्रकाश ने अपना फिल्मी करियर 1942 में शुरू हुआ था.

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एक शादी की दावत के दौरान फिल्म डायरेक्टर डी पंचोली ने उन्हें देखा. लाहौर में उनका ऑफिस था. पंचोली ने ओमप्रकाश को लाहौर आने का न्योता दिया. इसके बाद ओम प्रकाश को फिल्म दासी के जरिए पहला ब्रेक मिला. इसके बाद उनकी जिंदगी बदल गई. ओमप्रकाश ने अपने करियर में 300 से ज्यादा फिल्मों में काम किया.

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उनकी दस लाख, अन्नदाता, चरणदास, साधु और शैतान, दिल-दौलत-दुनिया, अपना देश, चुपके-चुपके, जूली, जोरू का गुलाम, आ गले लग जा, प्यार किए जा, पड़ोसन, बुड्ढा मिल गया, शराबी, भरोसा, तेरे घर के सामने, मेरे हम-दम मेरे दोस्त, लोफर, दिल तेरा दीवाना जैसी फिल्में लोगों को बहुत ज्यादा पसंद आई.

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ओम प्रकाश को भले ही फिल्मों की कमी ना रही हो. लेकिन जब वह 14 साल के थे तो वह 30 रुपए महीना की सैलरी पर काम करने के लिए तैयार हो गए थे. उनकी प्रेम कहानी भी बहुत दिलचस्प थी. उन्हें एक सिख लड़की से प्यार हो गया. लेकिन लड़की के घरवाले उनके खिलाफ थे, क्योंकि वह हिंदू थे. ओमप्रकाश की मां लड़की के घरवालों से बात करने गई. लेकिन उनके घर वाले राजी नहीं हुए, जिसके बाद दोनों अलग हो गए.

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ओमप्रकाश ने एक्टिंग के अलावा फिल्म निर्माण के क्षेत्र में भी हाथ आजमाया. उनको इस क्षेत्र में भी सफलता मिली. ओम प्रकाश को दिल का दौरा पड़ा जिसके बाद उन्हें मुंबई के लीलावती अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहां वह कोमा में चले गए और 21 फरवरी 1998 को उनका निधन हो गया.
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