ओह नो! अक्षय की इस बात से तो सारे ‘बड़े डायरेक्टर्स’ उनसे नाराज़ हो जाएंगे

फिल्म दो जोड़ों के बारे में हैं और दोनों का एक ही टाइटल है- बत्रा. पहला जोड़ा, जिनकी शादी को समय हो गया है लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद बच्चा नहीं हो रहा. और वही दूसरा न्यूली मैरिड कपल, जिनके साथ भी यही समस्या आ रही है. इस फिल्म में अक्षय कुमार के साथ बाकी लीड कास्टिंग होगी करीना कपूर, दिलजीत दोसांझ और कियारा आडवानी और इसे डायरेक्ट किया है राज मेहता ने.

अक्षय कुमार और 'गुड न्यूज़' के प्रोड्यूसर कारण जौहरThird party image reference
आजकल अक्षय कुमार इसी फिल्म के प्रमोशन में बिज़ी हैं. और इसी प्रमोशन वाले ताम-झाम के दौरान वो पत्रकारों से मुखातिब थे. जब करण जौहर ने गौर किया कि एक नए डायरेक्टर के साथ ये उनकी इक्कीसवीं फिल्म है तो इसपर अक्षय बोले-
मैं नए निर्देशकों के साथ काम करता हूं क्यूंकि बड़े डायरेक्टर मुझे अपनी फिल्म में नहीं लेते और जब बड़े लोग आपको नहीं लेते, तब आपको एक नई यात्रा पर निकलना पड़ता है. अगर आपको बड़े प्रकाशक के वहां पर काम नहीं मिलता तो आपको छोटे के पास जाना पड़ता है और वहां से आप छलांग लगाते हो. आप घर में बैठे-बैठे इस बात पर अफ़सोस नहीं करते रह सकते कि, ‘लोग मुझे क्यूं नहीं लेते, जबकि मेरे पास पर्याप्त क्षमता है?’

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उनकी इस बात में क्या दिक्कत है-
1 - देखिए उन्होंने सवाल को समझने में भारी गड़बड़ कर दी. या उत्तर देने में. यहां उन्होंने ‘नए निर्देशकों’ का उल्टा ‘बड़े निर्देशक’ समझा. जबकि नए निर्देशकों का अपोज़िट पुराने या सीज़न्ड निर्देशक होता है और यहीं से दिक्कत पैदा हो जाती है. क्यूंकि आप एक नए निर्देशक और पुराने निर्देशक तो ठीक-ठीक पॉइंट आउट कर सकते हो. लेकिन छोटे और बड़े निर्देशक की डेफिनेशन बहुत सब्जेक्टिव है.
2 - साथ ही यहां अक्षय कुमार एक अजब सी बायनरी क्रिएट कर जाते हैं. जिसके एक पाले में ‘नए निर्देशक’ और वही दूसरे पाले में ‘बड़े निर्देशक’ हैं. यानी इस बायनरी के हिसाब से नए निर्देशक, छोटे निर्देशक भी हुए.
3 - अक्षय कुमार ने अपने 32 साल के करियर में ‘सिर्फ’ 21 फ़िल्में नए डायरेक्टर्स के साथ की है. जब आपका करियर 3 दशकों से लंबा हो तो 21 फिल्मों के साथ ‘सिर्फ’ लगता है.
4 - बड़े डायरेक्टर’ की किसी भी डेफिनेशन के हिसाब से, उनकी आने वाली फ़िल्में बड़े डायरेक्टर्स की ही हैं और अगर समीक्षकों की नज़र से देखें तो चंद्रपकाश द्विवेदी का कद बहुत बड़ा है, जिनके साथ वो ‘पृथ्वीराज’ कर रहे हैं और अगर बॉक्स ऑफिस के लिहाज से देखें तो वो रोहित शेट्टी की ‘सूर्यवंशी’ कर रहे हैं. यहां अगर उनको मिलने वाले मेहनताने के हिसाब से देखें तो ऐसे ही अक्षय इंडिया के टॉप टेक्स पेयर्स में से एक नहीं बने हैं.

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साथ ही जिस फिल्म के प्रमोशन में वो ये सब कह रहे हैं वो भी उनकी डेफिनेशन के हिसाब एक बड़े डायरेक्टर की ही फिल्म है. बेशक वो डायरेक्टर इस बार मूवी को प्रोड्यूस कर रहा है. करण जौहर. बिसाईड जोक. एक प्रोड्यूसर का भी फिल्म में अच्छा खासा दखल होता है और फिर खास तौर पर जब वो एक ‘बड़ा डायरेक्टर’ हो और इस मूवी को डायरेक्ट करने वाला ‘नया डायरेक्टर’.
यहां एक इंट्रेस्टिंग बात ये भी है कि अगर कोई अपने को बड़ा डायरेक्टर समझता होगा तो वो अक्षय से कन्नी काट लेगा. या फिर उनकी फ़िल्में डायरेक्ट करने के बजाय प्रोड्यूस करने लग जाएगा.

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