अंतिम समय में नहीं मिला था सम्मान, मरने के 6 दिन बाद भारत में हुआ था अंतिम संस्कार


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FILMI LIFE : आतिफ असलम, रहत फ़तेह अली खान, नुसरत फ़तेह अली खान, अदनान सामी, नूर जहां जैसे कई कई मशहूर सिंगर्स ने अपनी मधुर आवाज का जादू भारत के लोगों पर चलाया है. जिन में से एक नाम हैं मशहूर गायिका रेशमा का. जिन्होंने साल 1983 में रिलीज हुई जैकी श्रॉफ की फिल्म हीरो में लंबी जुदाई वाले गीत में अपनी आवाज से लाखों दर्शको को मंत्रमुग्ध कर दिया था.

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अंतिम समय में नहीं मिला था सम्मान
रेशमा ने बॉलीवुड में जब अपना सफर शुरू किया था. तब रातो-रात वह भारतीय दर्शको की पहली पसंद बन गई थी. जिन्होंने बॉलीवुड की कई फिल्मो में यादगार गाने गाये थे. लेकिन अंतिम समय ना कोई सन्मान और नाही कोई मदद मिली थी.

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मुशर्रफ ने रेशमा के इलाज के लिए दिए 10 लाख रुपये
रेशमा अपने अंतिम समय में गले के कैंसर जैसे खतरनाक रोग से जूझ रही थी. तब उनकी पास खुद का इलाज करवाने के लिए फुटिकौड़ी नहीं थी. जिस मुश्किल समय में तत्कालीन पाकिस्तानी प्रेसिडेंट परवेज मुशर्रफ ने रेशमा के इलाज के लिए 10 लाख रुपए दिए थे और सरकारी खजाने से उनके लिए हर महीने 10 हजार रुपए देने का एलान किया था.

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1947 में राजस्थान के चूरू जिले की रतनगढ़ तहसील के लोहा गांव के एक बंजारा परिवार में जन्मी रेशमा का निधन 3 नवंबर, 2013 को लाहौर में हुए थे. जिनके निधन के बाद उनका शव भारत लाने के लिए कई मुश्केलियां आई थी. जिन के निधन के करीब 6 दिन बाद रेशमा के शव को मुनाबाव के रास्ते भारत लाया गाया था.
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