जेब में 6000 लेकर आया था मुंबई बॉलीवुड का सबसे कामयाब डायरेक्टर, अब हीरो की लगती है लाइन

अनुराग कश्यप आउट-ऑफ-द-बॉक्स फिल्में बनाने के लिए जाने जाते हैं। ये फिल्में एक विशेष वर्ग के बीच काफी लोकप्रिय हैं। इन फिल्मों के कारण, अनुराग को कभी-कभी आलोचना और विरोध का सामना करना पड़ता है। वहीं, सेंसर अपनी फिल्मों के कई दृश्यों पर कैंची चलाने से नहीं हिचकते। खैर आप लोग समझ गए होंगे कि हम किस डायरेक्टर के बारे में बात करने जा रहे हैं फिलहाल अनुराग कश्यप मुंबई ₹6000 जेब में लेकर के आए थे और आज वह अपनी कड़ी मेहनत और अपनी प्रतिभा के बल पर बॉलीवुड फिल्म इंडस्ट्री के सबसे कामयाब डायरेक्टर बन चुके हैं। आज उनके संघर्ष के जीवन में कुछ घटनाओं के बारे में जानते हैं, कि आज उन्होंने कितना संघर्ष करके मुकाम हासिल किया है।

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जब अनुराग मुंबई आए, तो उनकी जेब में 5-6 हजार रुपये थे। मुंबई शहर में पहले 8-9 महीने वह बहुत परेशान थे। इस दौरान उन्हें सड़कों पर सोना पड़ा और काम की तलाश में भटकना पड़ा।

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फिर उन्हें पृथ्वी थिएटर में काम मिला। लेकिन उनका पहला नाटक आज तक पूरा नहीं हो सका क्योंकि उस दौरान निर्देशक की मृत्यु हो गई।

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अनुराग ने निर्देशक के रूप में फिल्म ‘पाँच’ बनाई जो आज तक रिलीज़ नहीं हुई। अनुराग को 2012 की फिल्म गैंग्स ऑफ वासेपुर से पहचान मिली।

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लीक से हटकर चलने वाले इस बॉलीवुड फिल्म डायरेक्टर ने दर्शकों को अब तक ‘गुलाल’, बॉम्बे टॉकीज, ‘अग्ली’, ‘रमन राघव 2.0’ जैसी कई हिट फिल्में और सेक्रेड गेम्स जैसी सुपरहिट वेब सीरिज दी हैं।
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