एक ही कांसेप्ट पर बनी इन फिल्मों की कमाई में है काफी अंतर, शायद नहीं जानते होंगे आप

दोस्तों आज हम आपको उन फिल्मों के बारे में बताएंगे जिसका कांसेप्ट एक ही है मगर उनकी कमाई में काफी अंतर है जिस बारे में आप शायद नहीं जानते होंगे.

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द लेजेंड ऑफ़ भगत सिंह और 23 मार्च 1931: शहीद - शहीद भगत की कहानी पर बनी यह दोनों फिल्में एक ही साल और एक ही दिन रिलीज हुई. द लेजेंड ऑफ़ भगत सिंह में अजय देवगन और 23 मार्च 1931: शहीद में बॉबी देओल भगत सिंह के किरदार में नजर आए. अजय देवगन की फिल्म ने 12.90 करोड़ रुपए जबकि बॉबी देओल की फिल्म ने 8 करोड़ रुपए कमाए.

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मातृ और मॉम - रवीना टंडन की फिल्म मातृ और श्रीदेवी की फिल्म मॉम की कहानी और कांसेप्ट एक ही था. यह दोनों फिल्में साल 2017 में रिलीज हुई थी. रवीना टंडन की फिल्म ने 92 करोड़ रुपए जबकि श्रीदेवी की इस फिल्म ने 175 करोड़ रुपए कमाए.

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तलवार और रहस्य - आरुषि मर्डर केस पर आधारित फिल्म तलवार और रहस्य एक ही साल 2015 में रिलीज हुई. फिल्म तलवार में इरफान खान और फिल्म रहस्य में के के मेनन नजर आए. फिल्म तलवार (30 करोड़ रुपए) और रहस्य (9.8 करोड़ रुपए) कमाए.

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कथ्थी और कैदी नंबर 150 - विजय की फिल्म कथ्थी और चिरंजीवी की फिल्म कैदी नंबर 150 का कांसेप्ट एक ही है. दोनों फिल्मों में किसानों की समस्या को बताया गया है. विजय की फिल्म ने 130 करोड़ रुपए जबकि चिरंजीवी की फिल्म ने 164 करोड़ रुपए कमाए.

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खेलें हम जी जान से और चिटगांव - यह दोनों फिल्म 1930 के चिव शस्त्रागार के कांसेप्ट पर बनाई गई थी. दोनों ही फिल्में बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप हो गई थी. खेलें हम जी जान से (4.91 करोड़ रुपए) और चिटगांव (31 लाख रुपए) कमाए.

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कैदी बैंड और लखनऊ सेंट्रल - यह दोनोिल्म साल 2017 में रिलीज हुई थी. इन दोनों फिल्मों का कांसेप्ट एक ही था. कैदी बैंड (35 लाख रुपए) और लखनऊ सेंट्रल (16.95 करोड़ रुपए) कमाए.

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ओह माय गॉड और पीके - अक्षय कुमार की फिल्म ओह माय गॉड और आमिर खान की फिल्म पीके का कांसेप्ट एक ही था. दोनों फिल्मों को बॉक्स ऑफिस पर सफलता मिली लेकिन इनकी कमाई में काफी अंतर है. ओह माय गॉड (181 करोड़ रुपए) और पीके (854 करोड़ रुपए) कमाए.
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